लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के उत्तरी जोन में अपराध शाखा लखनऊ और थाना मड़ियांव की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए बंद घरों की रेकी कर ताले तोड़कर चोरी करने वाले चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से न केवल पीली और सफेद धातु के कीमती आभूषण और नगदी बरामद की, बल्कि अत्यंत गंभीर बात यह रही कि उनके पास से अवैध पिस्टल, तमंचे, बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस और आठ सुतली बम भी मिले, जिससे इलाके में किसी बड़ी आपराधिक वारदात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।दिनांक 11 जनवरी 2026 को अपराध शाखा और थाना मड़ियांव की पुलिस टीम IIM तिराहे पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ शातिर अपराधी बंद घरों में चोरी कर भारी मात्रा में चोरी का माल लेकर एक सफेद रंग की अपाचे मोटरसाइकिल से दुबग्गा की ओर आ रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए बताए गए वाहन को रोका और उस पर सवार चार व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया।पूछताछ में अभियुक्तों ने अपनी पहचान नवाब अली उर्फ सलमान अली उर्फ अर्जुन उर्फ अमन, आफताब, अफरोज उर्फ मोहम्मद फिरोज और शमशुल के रूप में बताई। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से सोने-चांदी के आभूषणों का बड़ा जखीरा, दस हजार रुपये नकद, चोरी में प्रयुक्त लोहे की रॉड, चोरी की अपाचे मोटरसाइकिल के साथ-साथ दो अवैध पिस्टल, दो अवैध तमंचे, कुल 23 जिंदा कारतूस और आठ सुतली बम बरामद किए गए। बरामद आभूषणों और मोटरसाइकिल के संबंध में मड़ियांव, ठाकुरगंज, दुबग्गा और बीकेटी थानों में पहले से दर्ज चोरी के मुकदमों से उनका संबंध पाया गया।पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे बंद मकानों की रेकी कर ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण चुराते थे और उन्हें राहगीरों के माध्यम से बेचकर अपने शौक पूरे करते थे। साथ ही पकड़े जाने की स्थिति में पुलिस या लोगों से बचने के लिए अवैध हथियार और सुतली बम अपने पास रखते थे। यह खुलासा इस बात की ओर इशारा करता है कि यह गिरोह केवल चोरी तक सीमित नहीं था, बल्कि किसी भी समय गंभीर हिंसक वारदात को अंजाम दे सकता था।पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ बीएनएस की गंभीर धाराओं के साथ आयुध अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत कई मुकदमे पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। बरामदगी के आधार पर अलग-अलग अभियोग दर्ज किए गए हैं और अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की जानकारी अन्य जनपदों से भी जुटाई जा रही है। सभी अभियुक्तों को न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।लखनऊ पुलिस की इस कार्रवाई को शहर में संगठित चोरी और हथियारबंद अपराध पर बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से कई लंबित चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है और आने वाले समय में इससे जुड़े अन्य अपराधों की परतें भी खुल सकती हैं।
