सुल्तानपुर(आरएनएस )। शत गायत्री पुरस्चरण महायज्ञ आतंकवाद की समाप्ति संसार में धार्मिक उन्माद सब के सुख की समाप्ति को पुष्कर में 8मार्च से 19 अप्रैल तक आयोजन किया जा रहा है महायज्ञ को सफल बनाने को पूरे देश में स्वामी प्रखर भ्रमण कर रहे हैं। इसी क्रम में आर एस मॉल मे एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन बुधवार को शाम को संपन्न हुई सभा के अध्यक्षता डॉक्टर डी एस मिश्रा ने किया स्वामी प्रखर महाराज का स्वागत वरिष्ठ नेता पंडित राम शब्द मिश्रा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आरके मिश्रा डॉक्टर जी सी पाठक सुभाष त्रिपाठी के द्वारा माल्यार्पण कर किया गया। हरिद्वार से पधारेश्री प्रखर महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदुओं को मारा जा रहा है यह जनता का विषय है आज उसका नंबर है कल हमारा नंबर आएगा बांग्लादेश में क्या हो रहा है देखिए सनातन धर्म को आगे आना होगा बांग्लादेश में अभी ब्राह्मण की हत्या हुई दुनिया के लोग शांत है यह घटनाक्रम नहीं है यह चिंता का विषय है और इसका उपाय सोचना पड़ेगा सुरक्षा का क्या उपाय हो सकता है नहीं अगर हम सोचते हैं तो इसका दुष्परिणाम भोगना पड़ेगा। आज हम लोग उसका समाधान कैसे निकले आज हिंदू सनातनी कैसे बचे ब्राह्मणों की रक्षा कैसे हो ब्राह्मण जो शक्तिशाली जाति रहा है उसके सामने सभी नस मस्तक होते थे। आज ब्राह्मणों की आवाज कोई सुनने वाला नहीं है हिंदुओं को मारा जा रहा है सनातनियों पर हमला हो रहा है इस पर आज हम लोग चिंता ही नहीं एक्शन लेने के लिए इकट्ठा हुए हैं हम लोग दुनिया को बदलना चाहते हैं ब्राह्मण जग गया है ब्राह्मणों के द्वारा ही दुनिया बदली है। ब्राह्मण की महिमा का वर्णन कोई कर नहीं सकता यह दुनिया बहुत ही सुंदर है सुंदर दुनिया को लोग गंदा कर रहे हैं। मार्केट आतंकवाद के माध्यम से गंदा कर रहे हैं ब्राह्मणों के प्रयास से ही बदलाव आया है स्वयं को कष्ट में डालकर ब्राह्मण सबका कल्याण चाहता है जब परशुराम के माता की हत्या हुई तब वह विचलित हो गए यह तो अन्याय है उसके दमन की आवश्यकता है प्रतिज्ञा कर लिया उसे उदंड को दंड देने का समय आ गया है और अनेक वर्ष तक तप करते रहे उसे ताप का परिणाम उस ब्राह्मण बालक के अंदर में भगवान शंकर के पास जो भी ज्ञान विज्ञान तकनीक थी वह ब्राह्मण बालक के शरीर में प्रतिस्थापित हो गया। वही ब्राह्मण बालक आगे चलकर भगवान परशुराम कहलाया उन्होंने अपने बाहुबल से पूरे संसार में जहां-जहां उदंड राजा थे उन्हें दंडित करके उनसे संपत्ति जीत करता है सजन राजाओं को बांट दिया परशुराम ने अपना पिनाक धनुष रावण को नहीं दिया पूरे विश्व में जब ध्यान दिया तो देखा कि जनकपुर में पिनाक धनुष को राजा जनकपुर जनक को धरुवर के रूप में दे दिया भगवान परशुराम अगर क्षत्रियों के दुश्मन होते तो जनक को पिनाक धनुष न देते उत्तर प्रदेश में जब से योगी का शासन है तब से हिंदू सर उठाकर बात कर रहा है परशुराम जी क्षत्रियों के दुश्मन नहीं थे ब्राह्मणों को षड्यंत्र नहीं करना है ब्राह्मण परिकल्पना करता है ब्राह्मण की महानता इसी में है कि बिना किसी स्वार्थ के सभी की सेवा करें संसार की खुशी से ब्राह्मण अपना खुशी मनाते हैं यही ब्राह्मण का डीएनए है यही ब्राह्मण की मानता है ब्राह्मण की शक्ति का कोई अंत नहीं है समाज के सभी लोगों के स्वस्थ रहने की सभी लोग निरोग रहे इस संसार में दुखी कोई ना आए यही ब्राह्मण की परिकल्पना है ब्राह्मण ऐसी शक्तिशाली जाति रहा है जिसके सामने भगवान भी नशमत तक होते रहे हैं। सम्मेलन में प्रमुख रूप से डॉ सप्तऋषि मिश्रा डॉ विनीत राजदेव शुक्ला रवि दुबे धीरेंद्र कुमार श्रवण पाठक हरीश शुक्ला किशन पाठक सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
