वैश्विक स्तर पर देशों की जिम्मेदारी, नीतिगत प्रतिबद्धताओं और सतत विकास के प्रयासों को लेकर जारी की गई एक नई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में भारत ने 16वां स्थान हासिल किया है। इस रैंकिंग में भारत का कुल स्कोर 0.5515 दर्ज किया गया है, जो वैश्विक मंच पर देश की बढ़ती जिम्मेदार भूमिका को दर्शाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, सिंगापुर को दुनिया का सबसे जिम्मेदार देश घोषित किया गया है। सिंगापुर ने नीतिगत पारदर्शिता, आर्थिक स्थिरता, पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक सहयोग जैसे मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। वहीं, स्विट्जरलैंड दूसरे और डेनमार्क तीसरे स्थान पर रहे।

यह रैंकिंग देशों के शासन व्यवस्था, नीतियों की प्रभावशीलता, पर्यावरणीय स्थिरता, सामाजिक उत्तरदायित्व, और वैश्विक जिम्मेदारियों के निर्वहन जैसे अहम पैमानों के आधार पर तैयार की गई है। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि जिम्मेदार राष्ट्र वही हैं जो न केवल अपने नागरिकों के हितों की रक्षा करते हैं, बल्कि वैश्विक चुनौतियों—जैसे जलवायु परिवर्तन, आर्थिक असमानता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग—में भी सकारात्मक भूमिका निभाते हैं।
भारत की बात करें तो रिपोर्ट में देश के आर्थिक विकास, डिजिटल गवर्नेंस, नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रयासों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भूमिका की सराहना की गई है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में सुधार की गुंजाइश भी बताई गई है, जिनमें पर्यावरणीय प्रदर्शन और सामाजिक समानता से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत अपनी नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाता है और सतत विकास के लक्ष्यों पर तेज़ी से काम करता है, तो आने वाले वर्षों में उसकी रैंकिंग और बेहतर हो सकती है।
कुल मिलाकर, इस रिपोर्ट में भारत का 16वां स्थान यह संकेत देता है कि देश वैश्विक जिम्मेदारियों को निभाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में उसकी भूमिका मजबूत होती जा रही है।
