लखनऊ : प्रदेश में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट की लगातार सामने आ रही घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए योगी सरकार ने जन सुरक्षा से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर ठोस और निर्णायक कदम उठाए हैं। आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने नगर निगमों एवं जनपद मुख्यालयों पर डॉग शेल्टर होम तथा एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर की स्थापना की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। शासन स्तर पर इस योजना को प्राथमिकता देते हुए भूमि चिह्नीकरण, बजट निर्धारण और परियोजना स्वीकृति की कार्रवाई एक साथ आगे बढ़ाई जा रही है। उल्लेखनीय है कि इस विषय में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान मानवीय, वैज्ञानिक और स्थायी तरीके से किया जाए।
सरकार का मानना है कि डॉग शेल्टर होम और एबीसी सेंटर की प्रभावी और सुव्यवस्थित व्यवस्था से जहां एक ओर आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, वहीं दूसरी ओर पशु कल्याण को भी मजबूती मिलेगी। यही कारण है कि इस योजना को केवल अस्थायी समाधान नहीं, बल्कि दीर्घकालिक नीति के रूप में लागू किया जा रहा है।शासन द्वारा नगर निगम क्षेत्रों में पहले से संचालित अथवा प्रस्तावित एबीसी सेंटरों के साथ डॉग शेल्टर होम विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक नगर निगम को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि वह उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराए और आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करे। शासन ने स्पष्ट किया है कि डॉग शेल्टर होम और एबीसी सेंटर की स्थापना की पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस और पशु कल्याण से जुड़े सभी मानकों के अनुरूप होगी।
योगी सरकार ने डॉग शेल्टर होम की स्थापना के लिए अलग से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। अब तक प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार एक डॉग शेल्टर होम की अनुमानित लागत 470 लाख रुपये से लेकर 531 लाख रुपये तक आंकी गई है। डीपीआर में शेल्टर होम की क्षमता, आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, पशु चिकित्सा सुविधाएं, भोजन व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा इंतजाम और प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती जैसे सभी आवश्यक बिंदुओं को शामिल किया गया है।
शासन स्तर पर इन डीपीआर को सैद्धांतिक मंजूरी दी जा चुकी है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप अगले चरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।प्रगति रिपोर्ट के अनुसार प्रयागराज नगर निगम क्षेत्र में तहसील सोरांव के ग्राम मऊर उपरहट में डॉग शेल्टर होम के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में भी भूमि उपलब्धता को लेकर कार्यकारिणी बोर्ड से प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है। इसके अतिरिक्त अन्य नगर निगमों से भी आवश्यक सूचनाएं प्राप्त की जा रही हैं, ताकि प्रदेशभर में एक समान और प्रभावी व्यवस्था लागू की जा सके।जनपद मुख्यालयों पर भी एबीसी सेंटर एवं डॉग शेल्टर होम की स्थापना को लेकर तेजी से कार्रवाई की जा रही है। ललितपुर में 12.182 हेक्टेयर, हरदोई में 0.2 हेक्टेयर, बुलंदशहर में 2000 वर्ग मीटर तथा फतेहपुर में 0.769 हेक्टेयर भूमि एबीसी सेंटर और डॉग शेल्टर होम के लिए चिह्नित की जा चुकी है। शेष जनपदों से सूचनाएं प्राप्त होते ही वहां भी भूमि चिह्नीकरण और परियोजना स्वीकृति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाएगी।प्रदेश सरकार का मानना है कि इन कदमों से न केवल डॉग बाइट की घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि आवारा कुत्तों की समस्या का मानवीय और व्यवस्थित समाधान सुनिश्चित होगा। जन सुरक्षा और पशु कल्याण को साथ लेकर चलने की इस पहल को योगी सरकार की एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल के रूप में देखा जा रहा है।
