प्रयागराज। जगत तारन गर्ल्स डिग्री कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग द्वारा विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य वक्ता इलाहाबाद विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफ़ेसर आशीष सक्सेना थे।
कार्यक्रम का आरंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर आशिमा घोष के द्वारा मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह प्रदान करने तथा समाजशास्त्र विभाग की समन्वयक प्रो नंदिनी मुखर्जी के द्वारा मुख्य अतिथि को भेंट स्वरूप पौधा दे कर किया गया। तत्पश्चात महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोसेसर आशिमा घोष ने स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत किया।
इसके पश्चात समाजशास्त्र विभाग की प्रभारी डॉ. शालिनी सिंह ने मुख्य अतिथि का परिचय प्रस्तुत किया। इसी क्रम में प्रोफेसर आशीष सक्सेना ने
“इश्यू ऑफ कास्ट क्लास और सैनिटेशन इन कंटेंपरेरी इंडिया” विषय पर अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि समकालीन भारत में स्वच्छता, जाति और वर्ग में गहरा अंतर्सम्बन्ध है। जाति व्यवस्था ने पवित्रता और अपवित्रता की अवधारणा को संस्थागत रूप दिया। उनके अनुसार जाति यह निर्धारित करती है कि स्वच्छता कार्य कौन करेगा जबकि वर्ग यह निर्धारित करता है कि स्वच्छता सुविधाओं तक किसकी पहुंच होगी। निकोलस बी. डर्क्स, लुई ड्यूमों, एम एन श्रीनिवासन जैसे समाजशास्त्रियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने समकालीन भारत में जाति वर्ग और स्वच्छता जैसे मुद्दों पर व्यापक प्रकाश डाला।
इस अवसर पर समाजशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित की गई अंतरमहाविद्यालयी निबंध प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार एस एस खन्ना गर्ल्स डिग्री कॉलेज की छात्रा शुमायला हुसैन, द्वितीय पुरस्कार जगत तारन गर्ल्स डिग्री कॉलेज की छात्रा राजेश्वरी पांडेय, तृतीय पुरस्कार एस एस खन्ना गर्ल्स डिग्री कॉलेज की छात्रा वर्षा मालवीय तथा सांत्वना पुरस्कार आर्य कन्या डिग्री कॉलेज की छात्रा शिवानी को प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ऐश्वर्य सिंह ने किया।
कार्यक्रम का संचालन बी. ए. द्वितीय वर्ष की छात्राओं अंतरा त्रिपाठी और सुहानी ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की शिक्षिकाएं डॉ नम्रता डेब, डॉ प्रमा द्विवेदी, डॉ अंकिता चतुर्वेदी, डॉ शारदा, डॉ. निर्मला गुप्ता उपस्थित रही।
