नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजधानी स्थित 7, लोक कल्याण मार्ग पर आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ कार्यक्रम में देशभर के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को तनाव-मुक्त रहने, आत्मविश्वास बनाए रखने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि परीक्षा जीवन का एक हिस्सा है, जीवन स्वयं परीक्षा नहीं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपनी पढ़ाई की पद्धति पर भरोसा रखें और दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी क्षमताओं को पहचानें। उन्होंने कहा कि हर छात्र में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है, जिसे समझना और निखारना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने समय प्रबंधन, नियमित अध्ययन, पर्याप्त नींद और शारीरिक गतिविधियों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल, योग और रचनात्मक गतिविधियाँ छात्रों के मानसिक संतुलन के लिए आवश्यक हैं।
प्रधानमंत्री ने तकनीक के उपयोग पर बोलते हुए कहा कि आधुनिक साधनों का प्रयोग मार्गदर्शन के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन उन पर पूरी तरह निर्भर नहीं होना चाहिए। उन्होंने छात्रों को मौलिक सोच विकसित करने और अपनी समझ को मजबूत करने की सलाह दी।
अभिभावकों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उनकी रुचियों व क्षमताओं को समझते हुए उनका मार्गदर्शन करें। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षक छात्रों के आत्मविश्वास को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ कार्यक्रम का प्रसारण दूरदर्शन, रेडियो और डिजिटल माध्यमों के जरिए किया गया, जिससे देश-विदेश में बैठे लाखों छात्र इससे जुड़ सके। कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को आगामी परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि सफलता के साथ-साथ अच्छे इंसान बनना भी उतना ही ज़रूरी है।
