नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शाहनवाज़ हुसैन ने ब्राह्मण समाज के खिलाफ फैलाए जा रहे कथित नकारात्मक नैरेटिव पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि एक खास सोच के तहत ब्राह्मण समाज को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, जो न सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि सामाजिक ताने-बाने के लिए भी नुकसानदेह है।
शाहनवाज़ हुसैन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी पूरे समाज को “घूसखोर” जैसे आरोपों से बदनाम करना पूरी तरह गलत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के आरोप न केवल तथ्यहीन होते हैं, बल्कि समाज में आपसी विश्वास और सौहार्द को भी कमजोर करते हैं।
उन्होंने कहा, “किसी भी वर्ग या समुदाय को सामूहिक रूप से कटघरे में खड़ा करना न्यायसंगत नहीं है। यह मानसिकता समाज को बांटने का काम करती है।”
भाजपा नेता ने ऐसी प्रवृत्तियों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि देश की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और सभी समुदायों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने आगाह किया कि किसी समुदाय को जानबूझकर बदनाम करने से सामाजिक तनाव बढ़ता है, जिसका खामियाजा पूरे देश को भुगतना पड़ सकता है।
शाहनवाज़ हुसैन ने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और विचारधाराओं से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ सार्वजनिक विमर्श करें और ऐसे बयान या नैरेटिव से बचें, जो किसी भी समाज या वर्ग की छवि को नुकसान पहुंचाते हों। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना का अधिकार सबको है, लेकिन आलोचना तथ्य आधारित और मर्यादित होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की परंपरा “सर्वे भवन्तु सुखिनः” की रही है, जहां हर समाज और समुदाय ने देश के निर्माण में योगदान दिया है। ऐसे में किसी एक वर्ग को निशाना बनाना देश की एकता और अखंडता के खिलाफ है।
शाहनवाज़ हुसैन के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है, और कई लोगों ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की उनकी अपील का समर्थन किया है।
