लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महामहिम राज्यपाल के अभिभाषण पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभिभाषण भ्रष्टाचार में डूबी भाजपा सरकार की झूठी तारीफों का महोत्सव अधिक नजर आता है। उन्होंने कहा कि सरकारी कागजों पर हरियाली उगाने से प्रदेश की जनता भ्रमित होने वाली नहीं है। भाजपा सरकार ने बीते वर्षों में जनता का विश्वास तोड़ने और आपसी सद्भाव को नुकसान पहुंचाने का ही काम किया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा शासनकाल में प्रदेश की प्रगति में लगातार गतिरोध पैदा हुआ है। समाजवादी सरकार के कार्यकाल में मेट्रो परियोजना जहां तक पहुंची थी, उसके आगे भाजपा सरकार एक इंच भी नहीं बढ़ा सकी। आगरा–लखनऊ एक्सप्रेस-वे जैसी किसी एक भी बड़ी परियोजना को भाजपा सरकार जमीन पर उतारने में विफल रही है। पूरे प्रदेश में अराजकता और अव्यवस्था का माहौल है। अन्नदाता किसान बदहाल है और नौजवान बेरोजगारी का दंश झेल रहा है। उन्होंने कहा कि नौकरियां नहीं हैं, उद्योग बंद हो रहे हैं और पूंजी निवेश के नाम पर केवल जल्से और इवेंट हो रहे हैं, जबकि वास्तविक निवेश कहीं दिखाई नहीं देता।समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में केवल आंकड़ों और जुमलों का प्रदर्शन किया गया है।
नौजवानों को नौकरियों का लालीपाप दिखाया जा रहा है, लेकिन सच्चाई यह है कि हर भर्ती में भाजपा के इशारे पर व्यवधान डाले जाते हैं। महिलाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को रोजाना अपमान का सामना करना पड़ रहा है। बच्चियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म, छिनौती और छेड़छाड़ की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। महिला अपराध, फर्जी एनकाउंटर और हिरासत में मौतों के मामलों में उत्तर प्रदेश देश में अव्वल स्थान पर पहुंच गया है।अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो दुर्दशा प्रदेश में व्याप्त है, उसके समाधान का कोई ठोस प्रयास राज्यपाल के अभिभाषण में नजर नहीं आता। गन्ना किसानों के बकाये की वास्तविक स्थिति बताने के बजाय सरकार ने पिछले 22 वर्षों का जबानी जमा-खर्च गिना दिया।
बड़ी संख्या में स्कूल बंद हो चुके हैं और जब समाजवादी पार्टी की ओर से पीडीए पाठशालाएं चलाई गईं तो भाजपा सरकार ने पढ़ाने वालों पर ही मुकदमे दर्ज करा दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नहीं चाहती कि गरीब का बच्चा पढ़े और आगे बढ़े। स्वास्थ्य सेवाओं की हालत यह है कि अस्पतालों में चूहे और कुत्ते घूमते नजर आते हैं और कई जगह मृतकों के शव परिजन खुद ले जाते दिखाई दिए हैं।उन्होंने कहा कि अभिभाषण में बड़े-बड़े दावे किए गए हैं, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि कई विभागों में 50 प्रतिशत तक बजट भी खर्च नहीं हो सका है। शौचालयों में पानी नहीं है, नल से जल योजना में कहीं केवल ढांचे खड़े हैं तो कहीं पानी नहीं आता।
लघु एवं मध्यम उद्योगों के उत्पाद नहीं बिक रहे हैं और महंगी व कच्ची सामग्री के अभाव में उद्योग बंद होते जा रहे हैं। बिजली संकट और बिगड़ती कानून व्यवस्था ने औद्योगिक गतिविधियों को और कमजोर किया है।अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा के झूठ, लूट और बेईमानी को भली-भांति समझ चुकी है। महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से त्रस्त जनता अब 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार को सत्ता से हटाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि भाजपा की विदाई के बाद ही उत्तर प्रदेश को मंडराते संकटों से मुक्ति मिल सकेगी।
