लखनऊ/नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि संसद का सदन चलाने की पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार की है, लेकिन सरकार न तो सदन चलाना चाहती है और न ही विपक्ष के सवालों का जवाब देना। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार चीन के मुद्दे पर घबराई हुई है, क्योंकि इसी सरकार के कार्यकाल में चीन ने देश की जमीन छीनी और आज तक सरकार यह बताने की स्थिति में नहीं है कि 2014 में देश का क्षेत्रफल कितना था और अब कितना रह गया है।सोमवार को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के संरक्षण में कुछ लोगों ने मुनाफा कमाने के लिए चीन से बड़े पैमाने पर सामान मंगाना शुरू किया, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा।
चीन से आने वाले सस्ते सामान ने देश के उद्योग, व्यापार और रोजगार को नीचे बैठा दिया। अब स्थिति यह है कि पहले चीन से आयात हो रहा था और अब अमेरिका से भी सामान लाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार आखिर किसके हित में फैसले ले रही है।अखिलेश यादव ने कहा कि संसद में विपक्ष जब सवाल पूछता है तो सरकार असहज हो जाती है। सरकार सवालों से डरती है और ऐसे हालात बना दिए गए हैं कि सवाल पूछने पर किसी भी तरह की कार्रवाई हो सकती है। लोकतंत्र में सवाल पूछना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन भाजपा सरकार इस अधिकार को कुचलना चाहती है। उन्होंने कहा कि बजट पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि बजट के फैसले सीधे देश की जनता, खासकर किसानों और गरीबों को प्रभावित करते हैं।
उन्होंने अमेरिका के साथ हुए ट्रेड डील का जिक्र करते हुए कहा कि अब अमेरिका से कृषि उत्पाद भारत लाए जाएंगे। ऐसे में देश का किसान क्या करेगा। भाजपा सरकार ने खेती और किसानी के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है और किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है। कभी कहा गया था कि अर्थव्यवस्था खोलने से गरीब और किसान की तरक्की होगी, लेकिन अगर पीछे मुड़कर देखें तो सच्चाई यह है कि गरीब और गरीब हुआ है।
अब तो भाजपा सरकार ने पूरा बाजार ही विदेशियों के लिए खोल दिया है। अगर जानवरों का फीड भी बाहर से आएगा तो झांसी में बने ग्रास और फॉडर रिसर्च इंस्टीट्यूट जैसे संस्थानों का क्या भविष्य होगा। सोयाबीन का तेल तक अमेरिका से आएगा, यह सीधे-सीधे देश के किसानों और कृषि व्यवस्था पर हमला है।अखिलेश यादव ने गन्ना किसानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसानों से कहा गया था कि एथेनॉल से उनकी आय बढ़ेगी, लेकिन अब एथेनॉल भी बाहर से लाने की बात हो रही है। इससे साफ है कि भाजपा सरकार किसानों से किए गए अपने वादों से पूरी तरह पीछे हट चुकी है।उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में प्रदेश अराजकता का शिकार है। प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश से आते हैं, लेकिन हालात यह हैं कि बांदा जेल से बड़ा स्क्रैप माफिया भाग जाता है।
बड़े-बड़े माफिया जेल से फरार हो रहे हैं। विधायक और मंत्री तक का अपहरण हो जाना इससे बड़ी अराजकता का उदाहरण नहीं हो सकता। प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है। पानी की टंकियां भ्रष्टाचार का बोझ नहीं सह पा रही हैं और भरते ही ढह जा रही हैं। यह भाजपा सरकार के विकास और सुशासन के दावों की पोल खोलने के लिए काफी है।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार देश की सीमाओं, अर्थव्यवस्था, किसानों और कानून-व्यवस्था हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। संसद में सवालों से भागना और देश को विदेशी ताकतों के सामने गिरवी रखना इस सरकार की असली पहचान बन चुकी है।
