लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के छठे स्थापना दिवस के अवसर पर 11 जनवरी 2026 को रिजर्व पुलिस लाइन परिसर, महानगर में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश पुलिस राजीव कृष्णा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कमिश्नरेट लखनऊ के पूर्व पुलिस आयुक्त ध्रुवकांत ठाकुर, पुलिस महानिदेशक एसएसएफ/नागरिक सुरक्षा पद्म शिरडकर, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था अमिताभ यश, पुलिस आयुक्त लखनऊ अमरेंद्र कुमार सेंगर सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, राजपत्रित अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे।समारोह के दौरान साइबर अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, आपातकालीन सेवाओं, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक दायित्वों के क्षेत्रों में उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य करने वाले 150 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके समर्पण, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने 19 पुलिसकर्मियों को व्यक्तिगत रूप से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।स्थापना दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन परिसर में बड़े खाने का भी आयोजन किया गया, जिसमें जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारी तथा पुलिस लाइन और सभी थानों में कार्यरत पुलिसकर्मी शामिल हुए। पूरे आयोजन में उत्साह, गर्व और आत्मविश्वास का वातावरण देखने को मिला।उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुदृढ़, आधुनिक और जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से 13 जनवरी 2020 को लखनऊ में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई थी। यह निर्णय प्रदेश की पुलिसिंग व्यवस्था में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल के रूप में देखा जाता है। कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद बीते छह वर्षों में लखनऊ पुलिस की कार्यप्रणाली में व्यापक और गुणात्मक सुधार दर्ज किया गया है। अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता मिली है और हत्या, लूट एवं डकैती जैसी संगीन घटनाओं में निरंतर कमी आई है। विशेष रूप से वर्ष 2025 में लखनऊ जनपद में डकैती की एक भी घटना न होना कमिश्नरेट व्यवस्था की प्रभावी कार्यशैली, सतर्कता और मजबूत सुरक्षा तंत्र का प्रमाण माना जा रहा है।महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने सेफ सिटी की अवधारणा को मजबूती से लागू किया है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और महिला संबंधी अपराधों में लगभग 20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जिसे महिला सुरक्षा और सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण की दिशा में भी कमिश्नरेट द्वारा कई अहम कदम उठाए गए हैं। मृतक आश्रितों को नियुक्ति, चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों का त्वरित निस्तारण, पीएसपी पैकेज के अंतर्गत बीमा राशि का भुगतान, बैरक और हॉस्टल, आवासीय भवनों का निर्माण, छह नए पुलिस थानों के प्रशासनिक एवं आवासीय भवन तथा 700 महिला रिक्रूट आरक्षियों के लिए हॉस्टल और अकादमिक ब्लॉक का संचालन किया गया है।समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने कहा कि लखनऊ पुलिस की उपलब्धियों का श्रेय बल के अनुशासन, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 के बाद लखनऊ पुलिस ने साइबर अपराध को तकनीकी प्राथमिकता के रूप में विकसित किया है। इसके तहत समर्पित साइबर क्राइम थाना, साइबर सेल और प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। साइबर अपराध की बदलती प्रकृति को देखते हुए उप निरीक्षकों को विशेष रूप से साइबर ठगी में धन की त्वरित रोकथाम और आईटी एक्ट से संबंधित विवेचनाओं के लिए प्रशिक्षित किए जाने की आवश्यकता पर उन्होंने जोर दिया।
उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति केंद्रों और पिंक बूथों पर तैनात पुलिसकर्मी महिला सुरक्षा के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय कर लाभान्वित करा रहे हैं। साथ ही सभी आरटीसी केंद्रों पर पीपीटी और तकनीकी माध्यमों से गुणवत्तापूर्ण एकीकृत प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि भविष्य की पुलिसिंग स्मार्ट, संवेदनशील और जन-विश्वास पर आधारित होगी। तकनीक केवल एक साधन है, जबकि सफलता की वास्तविक कसौटी आम नागरिक को शीघ्र न्याय और राहत प्रदान करना है। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों के त्वरित खंडन के लिए डिजिटल सतर्कता पर बल देते हुए “सुरक्षा, सेवा और सुशासन” के मंत्र के साथ लखनऊ पुलिस को और अधिक आधुनिक बनाने का आह्वान किया।पुलिस आयुक्त लखनऊ अमरेंद्र कुमार सेंगर ने अपने संबोधन में कहा कि बीते छह वर्षों में पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, वीवीआईपी सुरक्षा, जनसंपर्क और पुलिस कल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ पुलिस केवल अपराधियों पर ही नहीं, बल्कि अपराध की जड़ों, संगठनों और अवैध आर्थिक स्रोतों पर भी निर्णायक कार्रवाई कर रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ भविष्य में भी सुरक्षा, सेवा और विश्वास के मूल मंत्र के साथ और अधिक सशक्त, आधुनिक और संवेदनशील पुलिसिंग प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
