कानपुर,लखनऊ । नगर विकास एवं ऊर्जा के क्षेत्र में ए.के. शर्मा के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लगातार नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। ग्रीन एनर्जी की दिशा में उठाए जा रहे ठोस कदमों का असर अब जमीन पर स्पष्ट दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में कानपुर नगर में बिजली उत्पादन का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, जहां शहर की छतें अब छोटे-छोटे पावर हाउस के रूप में उभर रही हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत स्थापित सोलर रूफटॉप सिस्टम से कानपुर नगर में करीब 64 मेगावाट क्षमता की सौर बिजली का उत्पादन हो रहा है। नेडा के आंकड़ों के अनुसार अब तक जिले में 20,756 सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिससे कानपुर नगर प्रदेश में सोलर रूफटॉप स्थापना के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। इस उपलब्धि पर ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने जनपदवासियों को बधाई देते हुए इसे स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ी सफलता बताया है।
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार 64 मेगावाट सौर उत्पादन सालाना लगभग 9.6 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली के बराबर है। मौजूदा बाजार दरों के हिसाब से इसका वार्षिक आर्थिक मूल्य करीब 34 से 38 करोड़ रुपये आंका जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इतनी मात्रा में बिजली पारंपरिक स्रोतों से खरीदी जाए तो सरकार, संस्थानों और आम उपभोक्ताओं को हर साल इतनी बड़ी राशि खर्च करनी पड़ती। सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाने वाले उपभोक्ताओं को इसका सीधा लाभ बिजली बिलों में कमी के रूप में मिल रहा है, जिससे आम लोगों की मासिक बचत भी बढ़ी है।फरवरी 2024 से शुरू हुई प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत कानपुर नगर में सोलर रूफटॉप स्थापना की रफ्तार लगातार बनी हुई है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 80 से 90 नए सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं। व्यक्तिगत आवासों के साथ-साथ बहुमंजिला इमारतों और हाउसिंग सोसाइटियों के कॉमन एरिया में भी सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं, जिससे शहरी स्तर पर विकेंद्रीकृत बिजली उत्पादन का आधार मजबूत हो रहा है। इससे न केवल बिजली आपूर्ति पर दबाव कम हो रहा है, बल्कि शहर को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम माना जा रहा है।ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों के मुताबिक 64 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन से सालाना करीब 80 हजार टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आती है। पर्यावरणीय दृष्टि से यह लाभ लगभग 35 लाख पेड़ लगाने के बराबर आंका जा रहा है। इसके अलावा इतनी क्षमता से प्रतिदिन औसतन 30 से 35 हजार शहरी घरों की बिजली जरूरत पूरी की जा सकती है। कोयला आधारित बिजली की तुलना में सौर ऊर्जा को सस्ती, प्रदूषण मुक्त और दीर्घकालिक समाधान माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में ऊर्जा संकट से निपटने में अहम भूमिका निभाएगी।प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत प्रति किलोवाट सोलर रूफटॉप सिस्टम से रोजाना औसतन करीब 5 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है।
सोलर सिस्टम की लागत प्रति किलोवाट लगभग 60 से 65 हजार रुपये बताई जा रही है। योजना के अंतर्गत केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी का प्रावधान किया गया है, जिसमें एक किलोवाट पर कुल 45 हजार रुपये तक का अनुदान तथा अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सहायता निर्धारित है। इसके साथ ही बैंकों के माध्यम से 6 से 7 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे आम नागरिकों के लिए सोलर सिस्टम लगवाना और अधिक आसान हो गया है।नेडा, कानपुर नगर के परियोजना अधिकारी राकेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि शासन के निर्देश पर योजना को तेजी से लागू किया जा रहा है और जिले में सोलर रूफटॉप स्थापना की गति लगातार बढ़ रही है। वहीं जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल है और जनपद में इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में कानपुर नगर प्रदेश में सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी जिलों में शामिल होगा।
